UP: करोड़ों के मालिक मनीष गुप्ता का परिवार हुआ बेघर, कुर्की के बाद घर से रोती हुईं निकलीं महिलाएं
लखीमपुर खीरी में नकली खाद बनाने व बेचने के आरोपी मनीष गुप्ता और उसके पुत्र रितिक गुप्ता की 30.14 करोड़ की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त कर ली गई। मनीष के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज हैं। दो महीने पहले ही उसे गिरफ्तार किया गया था, तब से वह जेल में है।
लखीमपुर खीरी में नकली खाद बनाने व बेचने के आरोपी मनीष गुप्ता और उसके पुत्र रितिक गुप्ता की 30.14 करोड़ रुपये की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस ने सोमवार को जब्त कर ली। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने मैगलगंज में छह मकान, दो फैक्टरी, कुल 1.9 हेक्टेयर के 10 प्लॉट, एक फॉर्च्यूनर कार, आठ ट्रक, दो बाइक और एक पिकअप वाहन जब्त किया है।
मैगलगंज थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में मनीष गुप्ता और उसके भाई रजनीश गुप्ता ने अवैध रूप से अर्जित संपत्ति से नए घर बनवाए थे, जिनमें उनके परिवार के लोग रह रहे थे। पुलिस ने जब कुर्की की कार्रवाई शुरू की तो इस दौरान उन घरों से महिलाएं रोते हुई बाहर निकलीं।
पुलिस और प्रशासन ने उन्हें किचन का सामान, गैस सिलिंडर व उनके साथ जरूरी कपड़े निकालने के लिए छूट दी थी लेकिन, परिवार के लोग अपने साथ कुछ भी नहीं ले गए । इसके बाद एसडीएम मितौली विनीत उपाध्याय, एडिशनल एसपी नेपाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने भारी फोर्स के साथ मकान को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान पीएसी और कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद रहा। उधर, बिजली विभाग ने भी कुर्क घरों का बिजली कनेक्शन काट दिया।
जब्त किए गए वाहनों की कीमत 1.38 करोड़
गैंगस्टर पिता-पुत्र की जब्त संपत्ति में दो आयशर प्रो ट्रक, 22 लाख रुपये की फार्चुनर कार समेत चार अन्य ट्रक एक पिकअप व दो बाइक शामिल हैं। इनकी कीमत 1.38 करोड़ रुपये बताई गई है। इनमें 21-21 लाख रुपये के 12 वाहनों में 11 मनीष गुप्ता और एक रितिक गुप्ता के नाम पर है।
मनीष गुप्ता और उनके बेटे रितिक गुप्ता के छह मकान, 10 प्लॉट और दो फैक्टरी जब्त की। इनकी कीमत 28 करोड़ 76 लाख 25 हजार एक सौ पच्चीस रुपये है। इनमें लालपुर के दो मकान शामिल हैं, जिनका मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। इसके अलावा धर्माखेड़ा, लालपुर, जमुनिया कढिले व खखरा का प्लॉट भी शामिल है। मैगलगंज कस्बे के मकान भी जब्त किए गए हैं। सदर कोतवाली के राजापुर की खाद फैक्टरी व राइस मिल भी जब्त की गई है।
मनीष पर दर्ज हैं कुल 12 मुकदमे
नकली खाद बनाने और बेचने के आरोपी मनीष गुप्ता के खिलाफ जनपद के अलग अलग थानों में कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें हत्या, दुष्कर्म के साथ-साथ धोडाधड़ी, मारपीट और धमकाने के साथ एससी-एसटी एक्ट के मामले भी शामिल हैं। उसके खिलाफ नकली खाद मामले में गोला में दो और सदर कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था।
वर्ष 1999 में मैगलगंज थाने में गैर इरादनत हत्या व एससी एसटी एक्ट
वर्ष 2005 में थाना पसगवां में आर्म्स एक्ट का मुकदमा
वर्ष 2008 में थाना गोला में आवश्यक वस्तु अधिनियम का मुकदमा
वर्ष 2005 में थाना गोला में धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी का केस
वर्ष 2018 में ही सामूहिक दुष्कर्म व एससी एसटी का मुकदमा
वर्ष 2019 में मारपीट व धमकाने का मुकदमा
वर्ष 2019 में थाना गोला में मारपीट, धमकाने व एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा
वर्ष 2022 में सदर कोतवाली में मारपीट व जान से मारने की धमकी का केस
वर्ष 2022 में ही गोला थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम का मुकदमा
वर्ष 2022 में ही गोला थाने में नकली खाद बरामदगी का मुकदमा
वर्ष 2022 में ही सदर कोतवाली में धोखाधड़ी और कॉपीराइट का मुकदमा
अक्तूबर 2023 में सदर कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा।
गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से लिया था स्टे
गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे ले चुका मनीष गुप्ता अपने खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रुकवा सका। हालांकि इसके लिए उसने लखनऊ में बैठे सत्तासीन लोगों से पुलिस व प्रशासन पर दबाव कई बार डलवाया। लेकिन, सदर कोतवाली पुलिस ने 27 सितंबर 2023 को मनीष गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था।
मूल रूप से मैगलगंज कस्बा निवासी मुख्य आरोपी मनीष गुप्ता, भाई नरेंद्र उर्फ रजनीश गुप्ता व पुत्र रितिक गुप्ता के साथ मिलकर जिले में नकली खाद बनाने व उनकी सप्लाई कर रहा था। सबसे पहले लखीमपुर में पिछले साल 11 नवंबर को राजापुर इंडस्ट्रियल एरिया में नकली खाद फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ था। 10 हजार बोरी नकली खाद समेत भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ था।
फैक्टरी में नमक, बालू, मौरंग और गेरू मिलाकर नकली खाद बनाई जा रही थी। इसके बाद कृषि विभाग ने मुख्य आरोपी मनीष गुप्ता के अन्य ठिकानों गोला और मैगलगंज में छापे मारे थे। सदर कोतवाली, गोला और मैगलगंज थाने में मनीष गुप्ता, उसके भाई रजनीश गुप्ता और पुत्र रितिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
तमाम कानूनी दांव पेच व ऊंची पैरवी के चलते वह बचता रहा। मामले में वह हाईकोर्ट से स्टे भी ले आया था। लेकिन, एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि मुख्य आरोपी जेल में है, जबकि उसका पुत्र रितिक गुप्ता फरार है। हमारी टीमें लगी हुई हैं, और नकली खाद माफिया के खिलाफ यह हमारी कार्रवाई की शुरुआत है।
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