ढाका: राजनीतिक विवाद के कारण बांग्लादेश की पूर्व अंतरिम सरकार ने भारत में टी20 वर्ल्ड कप मैच खेलने से मना कर दिया था. जिसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया. अब जब बांग्लादेश में आम चुनाव के बाद बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) की सरकार बन गई है, जिसके लिडर तारिक रहमान हैं. तो बांग्लादेश के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने पूर्व स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल की कड़ी आलोचना की है.
खिलाड़ियों का सपना तोड़ा गया
उन्होंने शुक्रवार को रिपोर्टर्स से कहा कि वर्ल्ड कप में भाग न लेने का फैसला करके युवा खिलाड़ियों के सपनों को तोड़ने का काम किया. उन्होंने कहा, 'जब कोई लड़का वर्ल्ड कप खेलने जाता है, तो वह अपना सपना पूरा करता है. आप उस सपने को एक सेकंड में तोड़ देते हैं. ठीक है, अगर यह देश का फैसला नेशनल वजहों से लिया गया है, तो वे देश के लिए कुर्बानी देंगे. लेकिन अगर आप नुकसान की बात करते हैं, तो मैं सिर्फ पर्सनल नुकसान की बात करूंगा.'
सलाहुद्दीन ने कहा, 'पर्सनली, आपने एक लड़के का सपना पूरी तरह से खत्म कर दिया. मुझे पता है कि मेरे दो खिलाड़ी पांच दिनों तक मेंटली कोमा में चले गए थे. अब हम उन्हें किसी तरह से इस टूर्नामेंट में मैदान पर वापस ला पाए है, जो की अपने आप में एक बड़ी बात है.'
आसिफ नजरुल का सफेद झूठ
बता दें आसिफ नजरुल बांग्लादेश के पूर्व अंतरिम सरकार में स्पोर्ट्स एडवाइजर थे. उन्होंने ही सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में अपनी टीम भेजने से मना कर दिया था. बाद में वो अपनी इस बात से पलट गए और कहा कि भारत में न खेलने का फैसला सरकार का नहीं बल्कि खिलाड़ियों और क्रिकेट बोर्ड का था.
जिस पर सलाहुद्दीन ने कहा कि वो साफ साफ झूठ बोल रहे हैं. वो खुद एक टीचर हैं, वो ढाका यूनिवर्सिटी के एक टीचर हैं. मेरे देश के सबसे बड़े एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन का एक आदमी ऐसा झूठ बोल रहा है, मैं ने कभी नहीं सोचा था, हम यह स्वीकार नहीं कर सकते. हम यह कैसे स्वीकार कर सकते हैं? उसने पहले एक बात कही और बाद में यू-टर्न ले लिया.'
बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप का बॉयकॉट क्यों किया?
बांग्लादेश की पूर्व अंतरिम सरकार उस समय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में खेलने से मना कर दिया जब उनके तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर कर दिया गया. बांए हाथ के इस गेंदबाज को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 9 करोड़ में साइन किया था. लेकिन बाद में BCCI के कहने पर उन्हें रिलीज कर दिया गया.
इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने कहा कि वह मौजूदा हालात में खिलाड़ियों, अधिकारियों और सपोर्टर्स की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती, इसलिए वह नेशनल टीम को भारत में खेलने के लिए नहीं भेजेगी.
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