लखीमपुर खीरी। ओरल हेल्थ दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय संबद्ध स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, मोतीपुर ओयल में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुंह में होने वाले संक्रमण, उससे जुड़ी बीमारियों एवं उनके उपचार को लेकर एक गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमएस डॉ आर.के. कोहली ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में सीनियर रेजिडेंट डॉ इंद्रेश राजावत ने आम जनमानस को संबोधित किया।
सीएमएस डॉ आरके कोहली ने बताया कि यह कार्यक्रम सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता के निर्देश पर आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य लोगों को ओरल हेल्थ के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पाचन क्रिया की शुरुआत मुंह से होती है, इसलिए दांतों और मुंह का स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है।
मुंह में होने वाले संक्रमण के कारणों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि दांतों की नियमित सफाई न करना, गलत तरीके से ब्रश करना या अत्यधिक दबाव से ब्रश करना, मीठे व चिपचिपे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, तंबाकू, गुटखा, पान मसाला एवं धूम्रपान का उपयोग, मुंह का सूखा रहना (सलाइवा की कमी) बैक्टीरिया, वायरस (जैसे एचपीवी) एवं फंगल संक्रमण
फ्लोराइड की कमी या उचित टूथपेस्ट का उपयोग न करना, दांतों की नियमित जांच न कराना आदि शामिल हैं।
मुख्य वक्ता डॉ इंद्रेश राजावत ने बताया कि मुंह के संक्रमण से मधुमेह, ऑस्टियोपोरोसिस और निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) जैसे वायरस भी मुंह के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि मुंह को सूखा न रहने दें, फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का उपयोग करें और दांतों में झनझनाहट या संवेदनशीलता होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। साथ ही सही तरीके से धीरे-धीरे ब्रश करने की सलाह दी, जिससे दांतों को नुकसान न पहुंचे।
कार्यक्रम के दौरान मनोचिकित्सक डॉ अखिलेश शुक्ला, एपिडेमियोलॉजिस्ट (एनसीडी) डॉ राकेश गुप्ता, विजय वर्मा, स्तुति कक्कड़, देवनंदन श्रीवास्तव, विवेक मित्तल, डेंटल हाइजीनिस्ट आशुतोष कुमार, मनोज मौर्य, अनुज त्रिवेदी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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