नई दिल्ली:
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने पलटवार किया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने गुरुवार को दावा किया कि लगभग 70 लाख ईरानी किसी भी अमेरिकी जमीनी आक्रमण के खिलाफ लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि एक सप्ताह से भी कम समय में देश भर में चलाए गए शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान में करीब 70 लाख ईरानियों ने आगे आकर घोषणा की है कि वे हथियार उठाकर अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए खड़े होने को तैयार हैं। इससे पहले ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि हम ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे।
गौरतलब है कि ईरान की आबादी लगभग 9 करोड़ है। उनका यह दावा '70 लाख ईरानी' सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्पीकर कलीबाफ इस आंकड़े का जिक्र करने वाले पहले ईरानी अधिकारी हैं। हालांकि, यह संख्या कहां से आई है, यह स्पष्ट नहीं है। सरकारी मीडिया और टेक्स्ट मैसेज अभियानों के जरिए लोगों से स्वयंसेवक बनने की अपील की जा रही है। इसके अलावा, सेवानिवृत्त सैनिकों से युद्ध में हिस्सा लेने की इच्छा जताने को कहा गया है, जबकि अर्धसैनिक बल बासिज ने 12 वर्ष की आयु के बच्चों को भी अपनी सदस्यता में शामिल करना शुरू कर दिया है।
*ट्रंप का राष्ट्र के नाम संबोधन:*
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि अमेरिकी सेना ईरान में अपना मुख्य रणनीतिक उद्देश्य पूरा करने के करीब है और जल्द ही अपना काम खत्म कर देगी। इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमले शुरू हुए करीब एक महीने बाद दिए गए अपने पहले प्रमुख संबोधन में ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन सप्ताह में हम उन पर बेहद कड़ा प्रहार करेंगे। हम उन्हें पाषाण युग में भेज देंगे, जहां उन्हें वास्तव में होना चाहिए। ट्रंप ने ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिक भेजने की किसी संभावना का जिक्र नहीं किया। उन्होंने नाटो सहयोगियों की भी आलोचना की कि वे होर्मुज को सुरक्षित रखने में मदद नहीं कर रहे हैं।
*युद्ध की प्रगति पर ट्रंप का दावा:*
ट्रंप ने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध एक साल, सात महीने और पांच दिन चला था, जबकि द्वितीय विश्व युद्ध तीन साल, आठ महीने और 25 दिन तक चला। तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि ईरान में अमेरिकी कार्रवाई अब तक सिर्फ 32 दिन चली है और यह इतनी शक्तिशाली और शानदार रही है कि अब ईरान जैसे शक्तिशाली देश भी कोई खतरा नहीं रह गए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले सप्ताह हमारे सशस्त्र बलों ने युद्धक्षेत्र में कई तेज, निर्णायक और भारी जीत हासिल की हैं। बी-2 बमवर्षक विमानों से हमने जिन परमाणु ठिकानों को नष्ट किया, उन पर इतना भीषण प्रहार हुआ है कि परमाणु धूल के पास पहुंचने में भी महीनों लग जाएंगे। हम उपग्रहों के जरिए उन पर सख्त निगरानी रखे हुए हैं। अगर वे कोई कदम उठाते दिखे तो हम फिर से मिसाइल हमले करेंगे। @all
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