मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिवाली की रात को फरीदाबाद के सुभाष कॉलोनी में एक हिंदू लड़का अपने घर के बाहर पटाखे जला रहा था, इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले राज और आशिक की अगुवाई में इस्लामी कट्टरपंथियों के झुंड ने पटाखे जलाने को लेकर बच्चे को धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार ने बताया कि जब वे इस मामले को शांत कराने और विरोध दर्ज करने के लिए उन लोगों से बात करने गईं तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
परिवार का आरोप है कि इसी दौरान मुस्लिम पड़ोसियों ने उन पर ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया।घर के मुख्य दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की गई और परिवार की महिला सदस्यों के साथ मारपीट भी की गई। पीड़ित परिवार की बेटी का दावा है कि हमलावरों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की और उन्हें नाखूनों से नोच डाला। हमलावरों ने उनकी छाती पर हाथ मारा और जबरदस्ती करने की कोशिश की। बेटी ने कहा कि हमने पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस हमले के बाद पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों में सबकुछ रिकॉर्ड हो गया। फुटेज में कई लोग दुर्गा प्रसाद के घर पर पथराव और दरवाजे को तोड़ने का प्रयास करते दिख रहे हैं। फुटेज में महिला और बच्चे पर किए गए हमले का भी दृश्य सामने आया है, जिसमें आरोपितों द्वारा उनके घर पर हमला किया जा रहा है। इस दौरान हमलावरों की संख्या 40 से 50 तक थी।
घटना के समय मौजूद कुछ पड़ोसियों ने यह गवाही दी है कि उन्होंने दुर्गा प्रसाद के घर पर हुए हमले को देखा। उनके एक पड़ोसी रवि ने बताया कि "वह यहाँ बचपन से रह रहे थे लेकिन अब माहौल बहुत खराब हो गया है।" उनके अनुसार, मोहल्ले में पहले हिंदू समुदाय के लोगों की संख्या अधिक थी लेकिन अब धीरे-धीरे समुदाय विशेष की संख्या बढ़ने से माहौल बदलता जा रहा है।
घटना के बाद दुर्गा प्रसाद की बेटी ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन पर और उनके परिवार पर हुए हमले की जानकारी थी। स्थानीय पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
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