लखीमपुर खीरी। जिला चिकित्सालय मोतीपुर ओयल में मंगलवार को यूनाइटेड बाई यूनिक थीम पर विश्व कैंसर दिवस संगोष्ठी हस्ताक्षर अभियान एवं मानव श्रृंखला बनाकर आम जन मानस को कैंसर बचाव एवं इलाज के लिये जागरुक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सीएमएस डाॅ आरके कोली के नेतृत्व में संपन्न हुआ, इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपने विचार व्यक्त किये । अपने सम्बोधन में सीएमएस डाॅ आरके कोली ने कहा कि कैंसर के इलाज को लेकर लगातार शोध हो रहे है एक अच्छी बात यह है कि बच्चे व बच्चियों को भविष्य में कैंसर से बचाने के लिये विश्व के वैज्ञानिको ने (एचपीवी) ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन बना ली है। वही मेक इन इंण्डिया के विज़न के साथ
भारतीय वैज्ञानिकों ने भी (एचपीवी) वैक्सीन बना ली है जो सभी वैक्सीनों से कम मूल्य की है। सभी वैक्सीने हमारे देश में उपलब्ध है। 9 से 14 वर्ष की आयु के बच्चे एवं बच्चियों में यह वैक्सीन एक एक साल के अन्तर पर दो बार लगती है वही 9 से 26 वर्ष के बच्चे एवं बच्च्यिों को 3 महीने के अंदर दो डोस और तीसरी 6 माह के बाद तीन बार यह वैक्सीन लगायी जाती है। उन्होने यह भी बताया कि खास तौर पर यह वैक्सीन बच्चियों व युवतियों के लिये बनायी गयी है जिससे उन्हे सर्वाइकल कैंसर से बचाया जा सकें। सर्जन डाॅ हर्ष देव भारती ने बताया कि पान पुड़िया खैनी गुटखा आदि कैंसर होने के मुख्य कारक है। वही दवाओं एवं सर्जरी से कुछ स्टेजों के कैंसर का इलाज संभव है। इस दौरान फिजीशियन/ नोडल एनसीडी क्लीनिक जिला चिकित्सालय डाॅ शिशिर
पाण्डेय ने बताया कि स्तन कैंसर को पहचानने के लिये महिलाएं साल में कम से कम एक बार अपना परीक्षण अवश्य कराएं व यूट्यूब के माध्यम से स्वतः भी अपने स्तन का परीक्षण कर सकती है। किसी तरह की गांठ होने पर चिकित्सीय सलाह ले। डाॅ रचित मिश्रा ने बताया कि गम्भीर मरीजों के लिये जिला चिकित्सालय खीरी में पी-पैलिएटि केयर की सुविधा भी उपलब्ध है। डाॅ इंद्रेश रजावत ने मुहं के कैंसर को लेकर कहा कि तम्बाकू इसका एक प्रमुख कारण है समय पर पहचान बचा सकती है आपकी जान। इस दौरान जिरियाट्रिक फिजीशियन डाॅ शिखर बाजपेयी व सर्जन डाॅ श्रीराम ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन एनसीडी काउन्सलर देव नन्दन श्रीवास्तव ने किया।
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