संभल हिंसा मामले में विवादित जामा मस्जिद के सदर जफर अली की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। उनके अधिवक्ता हरिओम प्रकाश सैनी ने तर्क दिया था कि पुलिस द्वारा केस डायरी जमा होने तक जमानत दी जाए। इसके अलावा जामा मस्जिद के सदर और एडवोकेट होने के नाते भी न्यायालय से जमानत की माँग की है।
कोर्ट ने इस माँग को खारिज कर दिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 2 अप्रैल है। पुलिस ने अदालत में दलील दी है कि जफर पर भीड़ को उकसाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और पुलिस की गाड़ी जलाने के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस ने आरोप लगाए कि जफर अली द्वारा झूठे तथ्य भी बताए गए। पुलिस ने कहा कि गंभीर कृत्य हैं, इसलिए जमानत ना दी जाए। जफर अली पर संभल में हिंसा की साजिश रचने और पुलिस को हत्यारा बताने का आरोप जफर अली पर है। जफर अली ने दावा किया था संभल में पुलिस ने 4 लोगों को मारा। वहीं पुलिस ने इस मामले में असल हत्यारों को पहले ही पकड़ लिया था।
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