79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के संस्थापक श्रीमान राजा युवराज दत्त की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हेमंत कुमार पाल ने ध्वजारोहण किया तथा निदेशक, उच्च शिक्षा, उत्तर प्रदेश के पत्र का वाचन किया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान हुआ और उपस्थित जनों ने देशभक्ति के जयघोष किए।
इसके उपरांत अटल जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में एक संगोष्ठी का आयोजन प्रो. नीलम त्रिवेदी के निर्देशन में किया गया। राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सौरभ वर्मा ने विषय प्रवर्तन करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के अजातशत्रु व्यक्तित्व एवं दलगत राजनीति से हटकर राजनैतिक गलियारों में उनकी स्वीकृति की चर्चा की। उन्होंने अटल जी की प्रसिद्ध कविता "कदम मिलाकर चलना होगा" का भावपूर्ण पाठ करते हुए उपस्थित जनों को प्रेरित किया।
राजनीति विज्ञान विभाग के प्रभारी प्रो. संजय कुमार ने वर्तमान वैश्विक राजनीति की उथल-पुथल के बीच स्वतंत्रता दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने बताया कि किस प्रकार वाजपेयी जी राजनैतिक शुचिता के पर्याय थे। वे अनैतिक तरीकों से सत्ता में बने रहने के बजाय विपक्ष में बैठे और अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने के लगातार प्रयत्न किए। इस संदर्भ में उन्होंने समझौता एक्सप्रेस तथा बस यात्रा की पहल को याद किया। भारत को सामरिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए उन्होंने पोखरण विस्फोट कर भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाया।
T महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ) हेमंत कुमार पाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी को 79वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय राजनीति को सही दिशा प्रदान की। उन्होंने राजनैतिक शुचिता के उच्च मानक स्थापित किए और राष्ट्र की उन्नति के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। वे सुशासन और राजधर्म के पर्याय थे। प्राचार्य महोदय ने अटल जी के शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा- "हमारी शक्ति का आधार हमारे देश की एकता है।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अटल जी सदैव कहते थे- "भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं, यह जीवंत राष्ट्रपुरुष है।"
इस अवसर पर डॉ. आर. पी. एस. तोमर, डॉ. जे. एन. सिंह, प्रो. विशाल द्विवेदी, प्रो. एस. के. पाण्डेय, प्रो. सत्यनाम, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. सुभाष चंद्रा, डॉ. इष्ट विभु, डॉ. मनोज कुमार, श्री सतेंद्र पाल सिंह, श्री विजय प्रताप सिंह, श्री मोहम्मद आमिर, श्री देश राज, डॉ. ओ. पी. सिंह, डॉ. बृजेश शुक्ल, डॉ. मानवेंद्र यादव, डॉ. मोहम्मद नज़ीफ, डॉ. श्वेतांक भारद्वाज, श्री धर्म नारायण, श्री विनयतोष गौतम, डॉ. अमित सिंह, श्री योगेश दुबे, श्री अजय वर्मा, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
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