लखीमपुर खीरी, 07 अगस्त। महिलाओं से जुड़े मामलों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सुजीता कुमारी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अटल सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, संपत्ति विवाद और अन्य पारिवारिक विवादों से जुड़े कुल 33 प्रकरणों की सुनवाई की गई।
जनसुनवाई के दौरान पीड़ित महिलाओं ने आयोग सदस्य के समक्ष अपनी व्यथा खुलकर रखी। उन्होंने पुलिस, पारिवारिक और सामाजिक उत्पीड़न संबंधी मामलों को विस्तार से बताया। श्रीमती सुजीता कुमारी ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीड़ित महिलाओं को समयबद्ध न्याय दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, और इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*मितौली में नारी चौपाल, योजनाओं की दी जानकारी*
इसके बाद वह ब्लॉक मितौली पहुंचीं, जहां नारी चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में आयोग सदस्य ने ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं की समस्याएं सीधे सुनीं, उनसे संवाद किया और उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाइन 1090, वन स्टॉप सेंटर के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की हिंसा या भेदभाव के खिलाफ संघर्ष का साहसिक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ जिसमें महिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग, और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने महिलाओं से संवाद किया। आयोग सदस्य ने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इस दौरान डीपीओ लवकुश भार्गव, जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अभय कुमार सागर, सीडीपीओ, नायब तहसीलदार सुनील कुमार, महिला थानाध्यक्ष श्रद्धा सिंह, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी रश्मि चतुर्वेदी, हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन से आर्य मित्र बिष्ट, निक्की गुप्ता, काउंसलर कय्यूम जरवानी और अन्य अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।
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