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साहित्य साधक साहित्यिक संस्थान द्वारा साहित्यकार श्याम किशोर बेचैन सम्मानित

समर टाइम्स न्यूज़:-

 
साहित्य साधक सामाजिक ,साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थान की अगस्त माह की मासिक काव्य गोष्ठी व सम्मान समारोह  का आयोजन  जिलाअध्यक्षा #डा स्वाति पाण्डेय प्रीत के निवास ७२, काशी नगर लखीमपुर खीरी में सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र तिवारी "कंटक" जी ने की । 
संस्था द्वारा दिया जाने वाला मासिक साहित्य साधक अर्श सम्मान वरिष्ठ साहित्यकार श्याम किशोर "बेचैन" को प्रदान किया गया । समारोह का कुशल  संचालन  विजय शुक्ल बादल ने   किया। सभी मंचस्थ मनीषियों सहित डाॅ० स्वाति पाण्डेय, ""प्रीत"",  साहित्यकार  अनिल अमल , संजीव मिश्रा व्योम ,कमलेश धुरंधर आदि ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती पूजन किया।मयंक मोहन अवस्थी द्वारा वाणी वंदना के सुमधुर वाचन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
 
      कार्यक्रम मे कवि मनीषियों ने अपनी शानदार काव्य प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रोताओं का दिल जीत लिया। गोष्ठी में   सम्मानित " बेचैन जी" ने  एक तरफ मां सूखी प्यासी एक तरफ जगराते हैं ,सबके प्रति इंसाफ की बातें ,बातें केवल बातें हैँ पढ़ा ।राजेंद्र तिवारी कंटक ने' कहर ही हैं लकीरें मेरे हाथ की ,शुभ शगुन हैं ये पहली मुलाक़ात  का गीत पढ़ कर समां बाधं दिया । कमलेश धुरंधर  ने 'कुछ शहर में हैं कुछ गांव में हैं ,यहां सब अपने दांव में हैं' पढ़ा।ओज कवि अनिल अमल ने शस्त्र उठाओ हाथों में, खुद को वनवासी राम करो ,जय काली कलकत्ते वाली कहो और संग्राम करो पढ़ा ।  संजीव मिश्र व्योम ने चंद पर व्यंग पढ़ा व अपने गीत से सबको आनंदित कर दिया ।  डॉ स्वाति पांडेय "प्रीत"  ने  "घरवाली के खौफ से ,थर थर कांपे देह  कभी पड़ोसन से पिया ,जता न पाते नेह , हास्य कुण्डलिया पढ़ कर श्रोताओं की तालियां बटोरी।  साथ ही  माहिया पढ़ कर माहौल श्रंगारमय कर दिया ।

साथ हीं  मयंक मोहन दीक्षित ने जब से बृषभानु की प्यारी लगी,वृदावन रास रचाने लगी  पढा़। गोष्ठी मे प्रथम  बार आये वेद प्रकाश वर्मा ने कैसी अज़ब निराली दुनिया कोई हंस्ता कोई रोता पढा । गीतांजलि जायसवाल ने चुपके चुपके से निगहबान किए जाते हो पढा । अनुज अनुराग पटेल ने याद हम आएंगे सताएंगे ग़ज़ल पढ़ी ।
संचालक विजय बादल ने जगत को आस देती, मुझे भी आस दो राधा पढ़ कर माहौल भक्तिमय कर दिया  । संदीप मोहन ने मोहन मोहन है कहती वह मोहन से मुहं मोड़ रही पढा- । पवन तारा ने  गोष्ठी मे इसके अतिरिक्त गोष्ठी मे आए अनंय कवियों ने अपने गीत गजल छंद एवं मुक्तकों से सबको भाव विभोर कर दिया। अंत मे राजेन्द्र तिवारी कंटक ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी की भूरि भूरि  प्रशंसा की । 
कार्यक्रम मे डॉ  रघुनन्दन झा ,  डॉ हिमांशू सक्सेना अर्श लखनवी,  अक्षरा पांडेय, राम टहल वर्मा ,नरेश वर्मा , अजित श्रीवास्तव , अमित पाण्डेय , मधु गुप्ता आदि उपस्थित रहे  । संस्था की ओर से जिला अध्यक्षा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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