लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में Non-FRK चावल के संप्रदान की अनुमति देने की मांग को लेकर पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ‘टेनी’ को पत्र सौंपा है। एसोसिएशन ने कहा है कि इस वर्ष प्रदेश में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) की भारी कमी है, जिसके चलते राइस मिलों के पास तैयार चावल होने के बावजूद सीएमआर (CMR) संप्रदान बाधित है और धान खरीद प्रभावित हो रही है।
एसोसिएशन के अनुसार FRK की अनुपलब्धता के कारण मिलों में भंडारण का संकट पैदा हो गया है। एडवांस लॉट तैयार होने के बावजूद प्रेक्षण न मिलने से किसान अपनी उपज बेचने में असमर्थ हैं, जिससे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद भी बाधित हो रही है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि FRK चावल की वैधता केवल एक वर्ष रहती है। भारतीय खाद्य निगम की ‘पहले आओ, पहले पाओ’ प्रणाली के चलते यदि CMR संप्रदान में देरी होती है तो चावल की उपयोगिता समाप्त होने का खतरा है, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान की आशंका है।
इन परिस्थितियों के मद्देनज़र संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस वर्ष CMR में पूरी तरह Non-FRK चावल संप्रदान की अनुमति प्रदान की जाए। इससे धान क्रय प्रक्रिया सुचारू हो सकेगी, किसानों को एमएसपी मिल सकेगा और राइस मिलर्स को राहत मिलेगी।
पत्र सौंपने के बाद पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने राइस मिलर्स प्रतिनिधि मंडल की समस्याएं सुनीं और तत्काल संबंधित मंत्री से फोन पर वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले पर प्राथमिकता से कार्यवाही की जाएगी और समस्या के समाधान हेतु जल्द ही अधिकारियों व मिलर्स के साथ बैठक आयोजित कर निर्णय लिया जाएगा।
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