लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) में 108 एम्बुलेंस सेवा की तत्परता और EMT की उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है।
ग्राम महुआ ढाब, थाना मैगलगंज निवासी खुशबू (उम्र 20 वर्ष), पत्नी शोभित सिंह, को प्रसव पीड़ा के दौरान 108 एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में ही मरीज की स्थिति अचानक गंभीर हो गई। तेज लेबर पेन के साथ हाई-रिस्क ब्रीच प्रेज़ेंटेशन और न्यूकल कॉर्ड (गर्भनाल का बच्चे की गर्दन में लिपटना) के कारण डिलीवरी अत्यंत जटिल हो गई।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ईएमटी रविंद्र कुमार ने एम्बुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोका और तत्काल इमरजेंसी डिलीवरी मैनेजमेंट शुरू किया। डॉ. सत्य से रियल-टाइम ऑनलाइन मेडिकल गाइडेंस के साथ प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए पूर्ण एसेप्टिक तकनीक बनाए रखी। जिसके परिणामस्वरूप नवजात शिशु की सुरक्षित डिलीवरी संभव हो सकी। मां और शिशु दोनों को सफलतापूर्वक स्टेबलाइज करने के बाद आगे के उपचार हेतु सीएससी मैगलगंज में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं शोभित और हॉस्पिटल स्टाफ की 108 एंबुलेंस की उत्कृष्ट कार्य की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि इस जीवनरक्षक कार्य को अंजाम देने वाले ईएमटी रविंद्र कुमार को पूर्व में भी कई गंभीर मामलों में उत्कृष्ट प्री-हॉस्पिटल केयर प्रदान कर अनेकों जानें बचा चुके हैं। उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन और समर्पण को देखते हुए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
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