शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ की ओर से संत श्री गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती समारोह का आयोजन अम्बेडकर चौपाल शाहपुर जट गांव नई दिल्ली में किया गया।इस भव्य- विराट और ज्ञानवर्धक आयोजन के मुख्य अतिथि पीठ के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री आत्माराम परमार, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष धर्मवीर,राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत कुमार,असम प्रांताध्यक्ष भावेन्द्र, दिल्ली प्रांताध्यक्ष मनोज कुमार आजाद, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रो. हंसराज सुमन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दक्षिण विभाग कार्यवाह श्री संजीव त्यागी और क्षेत्रीय विधायिका सुश्री शिखा राय व प्रो. मनोज कुमार कैन आदि उपस्थित रहे । गुरुजी की जयंती के उपरांत पीठ के दिल्ली प्रांत के उपाध्यक्ष खलीफा सोहन वीर कैन का जन्मदिन भी बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का आरंभ संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात सभी अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्री आत्माराम परमार ने अपने संबोधन में पीठ की संकल्पना, निर्माण और उसके उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पंजाब के अधमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास हवाई अड्डा करने के लिए प्रधानमंत्री व पीठ और समस्त रविदासिया समाज की ओर से आभार व्यक्त किया । राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत जी ने पीठ के अभी तक किए गए कार्यों और आगामी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रो. हंसराज सुमन ने अपने वक्तव्य में एक महत्वपूर्ण बात रखते हुए कहा कि भारत के किसी एक विश्वविद्यालय का नाम संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के नाम पर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि भक्तिकाल के महत्वपूर्ण संतों ने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए अपनी वाणियों द्वारा प्रयास किए । उनकी वाणियां गुरुग्रंथ साहिब में संकलित है जो हर कार्यक्रम में लोगों को सुनाई जाती है । संत कबीर व संत रविदास देश में ही नहीं बल्कि विदेशी पाठ्यक्रमों में पढ़ाए जा रहे हैं लेकिन हमारे यहाँ उनके कुछ अंश ही स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर लगाएं गए हैं । प्रो.सुमन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भक्तिकालीन संतों व आजादी के आंदोलन में शहीद हुए बहुजन समाज के नायकों को पाठ्यक्रमों में पढ़ाया जाए ताकि वर्तमान युवा पीढ़ी उनके विषय में जाने तथा उनके द्वारा किए गए कार्यों से प्रेरणा ग्रहण कर जीवन में उतारे ।
दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष मनोज आजाद ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा की यह गुरु जी की जन्म जयंती का 650 वां वर्ष चल रहा है। इस वर्ष में हम दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर गुरु जी से संबंधित इसी तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। श्री संजीव त्यागी ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों को रविदास जयंती की बहुत-बहुत हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रो. मनोज कुमार कैन ने कहा कि गुरु रविदास जी के साहित्य को सभी शिक्षा संस्थानों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दिल्ली में गुरुजी का भव्य मंदिर बनाया जाए , साथ ही शाहपुर जट में बने पार्क का नाम गुरु रविदास के नाम पर रखा जाए तथा गाँव में नया सीनियर सेकेंडरी स्कूल गुरु रविदास के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा ।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने खलीफा सोहन वीर कैन को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई और उपहार भी दिए। विभिन्न संगठनों में दक्षिण विभाग मंत्री विश्व हिन्दू परिषद- राधाकृष्णन;जिला धर्मप्रसार कालका जी-अनिल;कालका जी जिला सद्भाव राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ-सतीश;कालका जी जिला मंत्री सेवा भारती -सुनीता बॉस;पीठ के पदाधिकारियों में महामंत्री - सुनीता पॉल,उपाध्यक्ष- निर्मल कुमार कैम,अनिल कुमार,मेहर सिंह, बालकृष्ण ,मंत्री -डॉ घनश्याम,डॉ संदीप रंजन,सुरेश तंवर, जिलाध्यक्ष-प्रीति विद्यार्थी- करोल बाग, ज्योति-नई दिल्ली, किशन कुमार- शाहदरा। अन्य गणमान्य व्यक्तियों में अशोक कुमार,सौरभ कुमार , शाहपुर जट गांव के ज्ञानचंद ,रमेश तंवर,मेहर चंद तंवर, रत्नलाल, धनपत राय, नंदकिशोर, सुरेश, जयकिशन,लक्ष्मण नारायण,महेश, मोहनसिंह कैन, मुकेश कैन,अमन चौधरी,अक्षय चौधरी आदि महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
सभी अतिथियों और लोगों का धन्यवाद पीठ के मंत्री मास्टर के. योगेश ने किया। इस आयोजन में बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की।
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