लखीमपुर खीरी। जनपद में टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत अब हैंड होल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर लोगों की जांच की जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिल रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसके प्रमुख लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी आना, बलगम में खून आना, लगातार बुखार रहना, रात में पसीना आना, भूख कम लगना और तेजी से वजन घटना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल जांच करानी चाहिए, ताकि समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
सीएमओ ने हैंड होल्ड एक्स-रे मशीन के फायदों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मशीन हल्की, पोर्टेबल और अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जिसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। इसके माध्यम से मौके पर ही एक्स-रे जांच संभव है, जिससे मरीजों को अस्पताल जाने की आवश्यकता कम हो जाती है और समय की भी बचत होती है। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष लाभ मिल रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि शासन की मंशा है कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी का जल्द से जल्द पता लगाकर उसका पूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। इसी उद्देश्य से गांव-गांव जाकर सक्रिय रूप से जांच और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रमोद रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत जिला क्षय रोग अस्पताल सहित पलिया, निघासन, पसगवां एवं मोहम्मदी ब्लॉकों में विशेष टीमें गठित कर जांच कार्य कराया जा रहा है। बीते 10 दिनों में कुल 2432 महिलाओं और पुरुषों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन मरीजों में टीबी के लक्षण पाए जा रहे हैं, उनका तत्काल परीक्षण कर उपचार शुरू किया जा रहा है। यह अभियान निरंतर जारी है और इसका उद्देश्य जनपद को टीबी मुक्त बनाना है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को टीबी के लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज न करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या शिविर में पहुंचकर जांच अवश्य कराएं।
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