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संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर जिला चिकित्सालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित



लखीमपुर खीरी। जिला चिकित्सालय संबद्ध स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, मोतीपुर ओयल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरके कोली की अध्यक्षता में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएमएस सहित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके महान योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमएस डॉ आरके कोली ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारतीय समाज को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत नींव प्रदान की। उन्होंने संविधान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार दिलाया। उनका जीवन संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक सुधार का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने समाज को तीन मूल मंत्र दिए थे उनमें शिक्षित, संगठित और संघर्ष शामिल है, जिससे समाज में बड़ा बदलाव संभव है।

डॉ. आरपी वर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि बाबा साहब ने सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाकर देश को एक नई दिशा दी। उन्होंने शिक्षा को समाज में परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताया, जिसे अपनाकर आज भी समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।

डॉ. शिखर बाजपेई ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने देश के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक ढांचे को सुदृढ़ करने में भी अहम भूमिका निभाई। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं।
डॉ. पूनम वर्मा ने कहा कि बाबा साहब ने महिलाओं, वंचितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनकी जयंती मनाने का उद्देश्य उनके विचारों को आत्मसात करना और समाज में समानता एवं भाईचारे को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलते हुए समाज की सेवा करेंगे और उनके बताए मार्ग पर चलकर देश के विकास में अपना योगदान देंगे।

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