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धरने के सातवें दिन DRM की जांच टीम पहुंची बोझवा, भाकिमयू (सिंघानिया) ने कराया स्थलीय निरीक्षण



लखीमपुर खीरी/भीरा | 22 अप्रैल 2026

विधानसभा घेराव के दौरान बने सहमति के क्रम में मण्डल रेल प्रबंधक (DRM), पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल द्वारा गठित जांच टीम आज धरने के सातवें दिन ग्राम बोझवा रेलवे क्रॉसिंग स्थित धरना स्थल पर पहुंची। 

'भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया)' के दबाव और राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के हस्तक्षेप के बाद ही DRM ने यह जांच टीम गठित की थी। 15 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों से टीम ने मुलाकात कर बंद क्रॉसिंग से उत्पन्न समस्याओं की विस्तार से जानकारी ली। संगठन के पदाधिकारियों ने जांच टीम को मौके पर ले जाकर दिखाया कि क्रॉसिंग बंद होने से किसानों का ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित खेतों तक पहुंचना किस प्रकार असंभव हो गया है।

*जांच टीम ने माने हालात गंभीर, रिपोर्ट पर होगा निस्तारण*  
DRM की जांच टीम ने धरनारत किसानों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए तथा क्रॉसिंग स्थल एवं वैकल्पिक मार्गों का भौतिक निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद भाकिमयू (सिंघानिया) के पदाधिकारियों ने टीम को बताया कि जलभराव की समस्या के चलते यहां अंडरपास व्यावहारिक नहीं है और ओवरब्रिज (ROB) ही एकमात्र स्थाई समाधान है।

निरीक्षण के बाद जांच टीम के अधिकारियों ने धरना स्थल पर मौजूद किसानों को आश्वस्त किया कि वस्तुस्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तत्काल मण्डल रेल प्रबंधक (DRM) को सौंपी जाएगी। टीम ने भरोसा दिया कि संगठन द्वारा बताई गई समस्याओं को रिपोर्ट में शामिल कर निस्तारण हेतु त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

*संगठन अब DRM के फैसले के इंतजार में*  
मौके पर जिला लखीमपुर खीरी संरक्षक अनिल शुक्ला, लखनऊ मंडल प्रभारी रमाकांत दीक्षित, पहलाद गुप्ता एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संरक्षक अनिल शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के दबाव में ही DRM को जांच टीम भेजनी पड़ी। "अब हम DRM महोदय के निर्णय का इंतजार करेंगे। 01 मई 2026 का अल्टीमेटम यथावत है। यदि समाधान नहीं निकला तो घोषित आंदोलन होगा," उन्होंने कहा।

जांच टीम के विजिट के बाद धरना स्थल पर किसानों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। फिलहाल धरना जारी है।

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