लखीमपुर-खीरी, 07 अप्रैल। जिला पंचायत सभागार में आयोजित अग्निशमन तथा आपात सेवा विभागो की गोष्ठी में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने विद्युत महकमे को कड़ी हिदायतें दीं। उन्होंने आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ढीले और झूलते हुए बिजली के तारों को तत्काल ठीक किया जाए और प्रत्येक स्थान पर सुधार कार्य का प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) जारी किया जाए।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कार्य में उत्तरदायित्व की स्पष्टता सुनिश्चित की जाए। इसके तहत निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपते हुए डीएम ने कहा कि अवर अभियंता 100% क्षेत्रों की जांच करें। एसडीओ 50% क्षेत्रों का सत्यापन करें। अधिशासी अभियंता 10% क्षेत्रों का निरीक्षण करें। अधीक्षण अभियंता कम से कम 05% क्षेत्रों का स्वयं भौतिक सत्यापन करें। डीएम ने अधिशासी अभियंता जल निगम को अग्निशमन वाहनों को जलापूर्ति हेतु फायर हाइड्रेंट लगने एवं जल निगम और सीएफओ को 10 प्रतिशत चेक करने को निर्देशित किया।
डीएम ने कहा कि सिर्फ प्रशासन नहीं, बल्कि जनता की सतर्कता ही असली सुरक्षा कवच है। जब गांवों में लोग जागरूक होंगे, तभी आपदा से निपटना आसान होगा। डीएम ने तहसील स्तर पर जागरूकता बैठकों के आयोजन के भी निर्देश दिए। प्रत्येक तहसील में ऐसी बैठकें कराई जाएं, जिनमें ग्राम प्रधान, लेखपाल, अग्निशमन अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के लोग उपस्थित रहें। इन बैठकों में ग्रामीणों को आग से बचाव के उपाय, प्राथमिक सहायता, और फायर ब्रिगेड से संपर्क के तरीकों की जानकारी दी जाए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी एआर शर्मा ने कहा कि गर्मी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सूखी फसल अवशेष, लूज बिजली के तार और चूल्हे-अंगीठी का असावधानी से प्रयोग आग फैलाने की मुख्य वजहें हैं। हर गांव में कम से कम एक प्राथमिक अग्निशमन किट होनी चाहिए, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।
*गर्मी का कहर नहीं सताएगा, अगर अपनाएंगे ये बचाव मंत्र: सीएमओ*
गोष्ठी के दौरान सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने गर्मी, लू और हीट वेव से बचने के उपायों पर प्रकाश डाला। कहा कि इस मौसम में बिना जरूरी काम के दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। साथ ही उन्होंने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने, सिर को टोपी या गमछे से ढकने और घर से निकलते समय छायादार स्थानों का प्रयोग करने की सलाह दी। सीएमओ ने कहा कि "लू से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है सतर्कता और सजगता। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से सावधानी बरतें। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ORS, जरूरी दवाएं और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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