दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे देशों के नागरिकों को शरण देने के मामले में आज सोमवार को एक बेहद सख्त टिप्पणी की है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत दुनिया भर के शरणार्थियों के लिए धर्मशाला नहीं है
कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 19 के तहत भारत में बसने का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को है
इन टिप्पणियों के साथ कोर्ट ने निर्वासन पर रोक लगाने और भारत में ही बसने की इजाजत मांगने वाली श्रीलंकाई तमिल नागरिक की याचिका खारिज कर दी
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