युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज दिनाँक 14.08.2025 को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के अन्तर्गत प्राचार्य प्रो० हेमन्त पाल के निर्देशन में तिरंगा यात्रा का शुभारम्भ किया गया। तिरंगा यात्रा में प्राचार्य प्रो० हेमन्त पाल के नेतृत्व में छात्र/छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उक्त कार्यक्रम में चीफ प्रॉक्टर प्रो० सुभाष चन्द्रा, प्रो० ज्योति पन्त, डॉ० अमित सिंह एवं डॉ० सौरभ वर्मा सहित शिक्षकों की सहभागिता रही। इसी क्रम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में इतिहास छात्र परिषद द्वारा प्रो. नूतन सिंह एवं श्री रचित कुमार के निर्देशन मे संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें विभाजन के इतिहास और उससे जुड़ी मार्मिक घटनाओं पर विचार व्यक्त किए गए। राजनीति विज्ञान विभाग के असि.प्रो. श्री विजय प्रताप सिंह ने कहा कि 'सच कितना भी कड़वा
क्यों न हो, उससे बचकर आगे बढ़ना किसी देश और जाति के लिए अच्छा नहीं है। प्रो. नीलम त्रिवेदी ने खुशवंत सिंह की एक कहानी का उदाहरण देते हुए कहा कि 'उसमें वर्णित एक घटना ही किसी की आँखों में आँसू लाने के लिए पर्याप्त है, जबकि विभाजन में तो ऐसी अनगिनत दिल दहलाने वाली घटनाएँ हुई होंगी। गोष्ठी के पश्चात् महाविद्यालय के जयदेव कल्चरल क्लब की संयोजक प्रो० नीलम त्रिवेदी के निर्देशन में देश भक्ति गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया,
जिसमें प्रतिभागियों ने देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। बी.एड. तृतीय सेमेस्टर के अमर सिंह ने चर्चित कवि कुमार विश्वास की कविता 'है नमन उनको का भावपूर्ण पाठ किया। शाबान खान ने 'ए मेरे वतन के लोगों' गीत प्रस्तुत किया, पवन कुमार ने 'हे भारत के राम जागो, मैं तुम्हें जगाने आया हूँ' गीत से जोश भर दिया और नैन्सी श्रीवास्तव ने 'ए वतन तेरे लिए' गीत गाया। एम.ए. इतिहास की यशी वर्मा ने फिल्म 'केसरी' का गीत 'तेरी मिट्टी में मिल जावां' और बी.ए.
तृतीय सेमेस्टर की इशिता श्रीवास्तव ने 'ए मेरे वतन के लोगों गीत प्रस्तुत किया। निर्णायक की भूमिका प्रो. संजय कुमार, प्रो विशाल द्विवेदी, प्रो. एस.के. पाण्डेय और डॉ. इष्ट विभु ने निभाई। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एम.ए. इतिहास की यशी वर्मा, द्वितीय स्थान बी.एड. तृतीय सेमेस्टर के अमर सिंह, और तृतीय स्थान नैन्सी श्रीवास्तव को मिला।प्राचार्य प्रो. हेमन्त पाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि भारत विभाजन ने देश के लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक व मानसिक रूप से झकझोर दिया था। यह दिवस हमें आपसी भेदभाव को समाप्त कर एकता एवं सामाजिक सद्भाव को
बढ़ाने की प्रेरणा देता है। विभाजन की त्रासदी के दौरान प्राणोत्सर्ग करने वाले लोगों की याद में दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुभाष चंद्रा ने किया। कार्यक्रम में प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. सत्यनाम, डॉ. मनोज कुमार, श्री सतेंद्र पाल सिंह, डॉ. मानवेंद्र यादव, श्री धर्म नारायण, मोहम्मद नजीफ, श्री योगेश दुबे, श्री अजय वर्मा सहित अन्य शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
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