लखीमपुर खीरी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज (सीबीएसई बोर्ड) में सिख धर्म के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुरु जी द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता, मानवाधिकार और न्याय की रक्षा के लिए दिए गए अद्वितीय बलिदान से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य श्री अरविन्द सिंह चौहान ने गुरु जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वैदिक मंत्रोच्चार और “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
छात्र युवराज जायसवाल, अचल मिश्रा, भाव्या त्रिपाठी, अथर्व वर्मा और आयुष्मान वर्धन सिंह ने हिंदी और अंग्रेजी भाषणों के माध्यम से गुरु जी के जीवन, अध्यात्म और बलिदान पर प्रकाश डाला। भैया सुखबीर सिंह के भावपूर्ण गीत और गुरु जी की जीवनगाथा पर आधारित लघु फिल्म ने सभा को भावविभोर कर दिया।
प्रधानाचार्य श्री चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ‘हिंद की चादर’ हैं, जिन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने छात्रों से गुरु जी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य आशीष बाजपेई ने किया तथा आचार्य ज्ञानेंद्र सिंह, अविनाश दीक्षित और दशमेश जी का विशेष सहयोग रहा।
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