संभलः 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए हिंसा के बाद एक बार फिर धार्मिक स्थल से जुड़ा नया विवाद सामने आया है. शाही जामा मस्जिद व श्रीहरिहर मंदिर से सटे कब्रिस्तान की 8 बीघा भूमि पर कथित अवैध कब्जों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पैमाइश कराई. इस दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था.
पैमाइश में कब्जा निकला अवैधः श्रीकल्कि सेना (निष्कलंक दल) के राष्ट्रीय संयोजक सुभाष त्यागी एडवोकेट द्वारा 12 दिसंबर को जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी. सुभाष त्यागी ने कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान व दुकानों के निर्माण का आरोप लगाया गया था. साथ ही आरोप लगाया गया था कि इन्हीं मकानों और दुकानों की छतों के ऊपर से संभल हिंसा के दौरान पथराव किया गया था. जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि पहले मौखिक और फिर लिखित शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम से गाटा संख्या 32/2 की पैमाइश कराई गई. यह गाटा कुल 4780 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का है और राजस्व रिकॉर्ड में शत-प्रतिशत कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है.
22 मकान और दुकान चिह्नितः डीएम ने बताया कि पैमाइश के दौरान कब्रिस्तान की भूमि पर बने 22 मकान और दुकानों को चिह्नित किया गया है. इनके मालिकों को नोटिस जारी कर उनके दस्तावेज मांगे जाएंगे. प्रस्तुत दस्तावेज यदि विधिक और संतोषजनक नहीं पाए गए तो नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने कि कब्जों में कुछ 60–65 वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ अपेक्षाकृत नए हैं, लेकिन पूरे गाटा में कहीं भी मकान या दुकान का दर्ज नहीं है.
4200 वर्ग मीटर भूमि कब्रिस्तान के नाम दर्जः तहसीलदार धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि लगभग 4200 वर्ग मीटर भूमि रेवेन्यू रिकॉर्ड में कब्रिस्तान के नाम दर्ज है. जबकि मौके पर बड़े मकान और व्यावसायिक दुकानें बनी हुई हैं. प्राथमिक जांच में भू-माफियाओं द्वारा कब्रिस्तान की भूमि की प्लॉटिंग कर बिक्री किए जाने की आशंका है. 20 से अधिक लेखपाल और राजस्वकर्मी पैमाइश व जांच कार्य में लगे हैं. प्रारंभिक तौर पर 20 से 25 मकान और दुकानें दिखाई दे रही हैं. नोटिस का जवाब नहीं देने पर बुलडोजर एक्शन होगा.
10 थानों की पुलिस फोर्स रही तैनातः अपर पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद को लेकर हुए विवाद को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई है. मौके पर 10 थानों की पुलिस फोर्स, 8–9 थाना प्रभारी, 5 इंस्पेक्टर, एक कंपनी पीएसी और एक कंपनी आरआरएफ तैनात रही. ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर नजर रखने के साथ ही एलआईयू की टीम भी सक्रिय है.कई पीढ़ियों से रह रहेः स्थानीय निवासी डॉ. फिरोज ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से यहां रह रहा है. मेरे पास बैनामा और स्वीकृत नक्शा है. प्रशासन उनका पक्ष भी सुने. वहीं, मोहम्मद गुलाम वारिस ने दावा किया कि उनका परिवार पांचवीं पीढ़ी से वहां निवास कर रहा है और उनके पास भी संबंधित कागजात हैं. प्रशासन का कहना है कि अगला कदम नोटिस के जवाब और दस्तावेजों की जांच के बाद ही उठाया जाएगा.
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