छत्रपति संभाजी नगर (महाराष्ट्र) : एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने भाजपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से क्या हो रहा है? क्या आप भूल गए हैं कि लव जिहाद के नाम पर लोगों को मारा गया था?
ओवैसी ने आलोचना करते हुए कहा, क्या आप मॉब लिंचिंग भूल गए हैं? क्या आप भूल गए हैं कि बुर्के के नाम पर लड़कियों की पढ़ाई रोक दी गई थी? क्या आप भूल गए हैं कि मुस्लिम होने की वजह से लोगों को मार दिया गया था? क्या आप भूल गए कि ट्रेन में एक आदमी को इसलिए गोली मार दी गई क्योंकि उसकी दाढ़ी थी? क्या आप भूल गए कि आपकी मस्जिद गिरा दी गई थी? हिजाब खींचे जा रहे हैं, और क्या आपको यह दिखाई नहीं देता?
एआईएमआईएम नेता ने मुसलमानों से एकजुट होने की अपील करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा मुस्लिम महिला का हिजाब जाने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि क्या घरों पर बुलडोजर चलाना ज़ुल्म नहीं है? एक के बाद एक ज़ुल्म हो रहे हैं, और जिस समुदाय पर ये ज़ुल्म हो रहे हैं, वह कुछ नहीं बोल रहा है.
ओवैसी ने कहा कि यह अलग होने का समय नहीं है. दुश्मन पूरी तैयारी के साथ आ रहा है. अगर आप अभी भी नहीं समझे, तो वे आपको खत्म कर देंगे.
सरकारी योजनाओं में मुसलमानों की हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय में शिक्षा का स्तर सबसे कम है. डॉक्टर, वकील, साइंटिस्ट, मुसलमान हर फील्ड में सबसे नीचे हैं। क्या यह नाइंसाफी नहीं है? हर सरकार ने हमें पीछे रखने का काम किया है. हमें न शिक्षा मिली, न रोजगार. इससे बड़ा अन्याय और क्या हो सकता है? इसलिए हम इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. आज हमें क्लर्क की मामूली नौकरी भी नहीं मिलती. अगर हमें देश में हमारा हिस्सा दिया गया होता, तो हमारी पार्टी को देश के कोने-कोने में जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
अकबरुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि उन्हें अंधेरे में रखा गया. उन्होंन कहा, "हमें सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया."
अकबरुद्दीन ओवैसी ने भाजपा और शिवसेना की आलोचना करते हुए कहा, "हम लोकसभा सीट हार गए, और अब आप औरंगाबाद मेयर का पद भी खोना चाहते हैं? क्या आप अपने भाई को मेयर बनते नहीं देखना चाहते? नहीं तो, औरंगाबाद का नाम बदलने वाला मेयर चुना जाएगा."
उन्होंने कहा, "बीफ़ बैन के नाम पर लोगों को मारा जा रहा है और मैं इसकी निंदा करता हूं, लेकिन मैं बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या की घटनाओं की भी निंदा करता हूं."
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मनमोहन सिंह की सरकार में डॉलर के 70 पार करने पर आलोचना की गई थी लेकिन वर्तमान में यह 90 रुपये तक पहुंच गया है.
उन्होंने विदेश से निवेश नहीं आने के पीछे डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने को एक वजह बताई. उन्होंने कहा, "उन्होंने 15 लाख का वादा किया था, क्या उन्होंने पूरा किया? यह सब सिर्फ़ धोखा है." क्या भ्रष्टाचार खत्म हो गया है?...... शिंदे मोदी के बहुत बड़े भक्त हैं, और फडणवीस भी भक्त हैं. मोदी ने कहा था कि वे भ्रष्टाचार खत्म करेंगे, लेकिन उन्होंने पेट्रोल को भी नहीं छोड़ा. उन्होंने उसमें 15 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया. गडकरी जानते हैं कि उसमें कितना पानी है.
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