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एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने हमझे स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक विचार


लखीमपुर खीरी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में सोमवार को स्वामी विवेकानंद जयंती/प्रेरणा दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मेडिकल छात्रों को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि स्वामी विवेकानंद का दर्शन मेडिकल छात्रों के लिए मानव सेवा, निस्वार्थ कर्म, दृढ़ संकल्प और एकाग्रता को अपनाने की प्रेरणा देता है। उनके प्रसिद्ध संदेश "उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत" को चिकित्सकीय जीवन से जोड़ते हुए समझाया गया कि एक डॉक्टर को शारीरिक एवं मानसिक शक्ति के साथ रोगियों की सेवा करनी चाहिए, क्योंकि प्रत्येक कर्तव्य पवित्र है। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि ध्यान एवं आत्मनियंत्रण तनाव को कम करने में सहायक होते हैं. जो चिकित्सा क्षेत्र में अत्यंत आवश्यक है। स्वामी विवेकानंद ने मानवता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया और यह संदेश दिया कि सेवा केवल पुस्तकों तक सीमित न होकर कर्म में दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि एक चिकित्सक के रूप में रोगियों की सेवा करना सर्वोच्च कर्तव्य है. चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। साथ ही स्वामीजी के शारीरिक विकास पर दिए गए जोर को भी रेखांकित किया गया, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और सशक्त आत्मा का वास होता है। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मेडिकल छात्रों को अपने कार्य को पूर्ण निष्ठा, सेवा भाव और समर्पण के साथ करना चाहिए, स्वयं को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए और अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहना चाहिए, क्योंकि प्रत्येक कार्य में दिव्यता निहित है।

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