धान खरीद घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट ने *दो दिन के रिमांड पर चल रहे 4 आरोपियों* को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने मार्केट कमेटी से *फर्जी गेटपास* जारी कराकर कागजों में ही पीआर धान की खरीद दिखाई और किसानों के खातों में सरकारी भुगतान डलवाया।
एसआईटी जांच में वेयरहाउस एजेंसी के *तकनीकी सहायक प्रदीप, हैफेड मैनेजर असंध प्रमोद, हैफेड मैनेजर दर्शन सिंह, तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार और रणधीर सिंह* की संलिप्तता सामने आई थी। *प्रदीप को पहले ही जेल भेजा जा* चुका था, जबकि शेष आरोपियों को सोमवार को रिमांड खत्म होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अब तक 11 शिकायतों में करीब *₹68 करोड़ के गबन* के आरोप सामने आ चुके हैं। एसआईटी ने साफ किया है कि जिसकी भी भूमिका मिलेगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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