नई दिल्ली : भारतीय मूल के निखिल गुप्ता ने अमेरिका में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. उस पर सिख अलगाववादी नेता (आतंकी) गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या का आरोप लगा था. इस मामले की सुनवाई न्यूयॉर्क अदालत में हो रही है.मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निखिल गुप्ता ने साजिश रचने, हत्या के लिए सुपारी देने और मनी लॉन्ड्रिंग में अपनी भागीदारी मान ली है. आरोप ये भी है कि उसने यह सब एक व्यक्ति के कहने पर किया है. क्या वह व्यक्ति भारत सरकार का कर्मचारी है ? भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि यह खबर गलत है और भारत सरकार का कोई भी कर्मचारी इस मामले में संलिप्त नहीं है.
अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी. इस बीच उनके परिवार का भी एक बयान मीडिया में आया है. उनके परिवारवालों ने कहा है कि निखिल ने जानबूझकर अपना जुर्म कबूला है, ताकि इस मामले का पटाक्षेप हो सके.
परिवार ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए गए बयान में बताया है कि उस पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा था, कानूनी फीस इतनी अधिक हो गई थी कि वह इसे वहन नहीं कर सकता था, इसलिए उसने सरकारी वकील का सहारा लिया. इसके बाद इस मामले में उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली.
अमेरिकी कानून के जानकार मानते हैं कि दोषी ठहराए जाने पर निखिल गुप्ता को 40 साल जेल की सजा हो सकती है. उसकी गिरफ्तारी चेक रिपब्लिक में हुई थी. 30 जून 2023 को उसे अरेस्ट किया गया था. वहां से उसे अमेरिका लाया गया, तब से इस मामले की सुनवाई जारी है.
आरोप पत्र में कहा गया था कि निखिल एक हिटमैन है. उसे 15 हजार डॉलर दिए गए थे, ताकि वह पन्नू की हत्या कर सके. निखिल यूएस जांच एसेंसी का ही एक सोर्स था. यह भी आरोप लगाया गया है कि उसने यह सब विकास यादव नाम के एक व्यक्ति के कहने पर किया. हालांकि, निखिल ने कहा था कि वह विकास यादव को नहीं जानता है और उससे उनका कोई संबंध नहीं है. शुरुआत में निखिल गुप्ता का एक बयान आया था, जिसमें उसने बताया था कि उसने पन्नू की हत्या नहीं की है और जो भी आरोप लगाए गए, वे सभी मनगढंत हैं. लेकिन अब उसने खुद यू टर्न ले लिया है.
अमेरिकी एजेंसी ने पन्नू को ट्रांसनेशनल रिप्रेशन का टारगेट बताया है. अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि पन्नू एक अमेरिकी नागरिक है और उसे कुछ हुआ, तो कानून के मुताबिक मामले को आगे बढ़ाया जाएगा.
हालांकि, पन्नू भारत में लगातार आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त रहा है. वह बार-बार अपने जहरीले बयान से भारतीय कानून को चुनौती देता है और यहां पर हिंसा फैलाने की भी बात कही है.
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