लखीमपुर खीरी। महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) से किशोरियों और युवतियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 9 से 14 वर्ष की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रारंभिक तीन माह तक यह टीकाकरण मिशन मोड में संचालित होगा, जिसके उपरांत इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में सम्मिलित कर दिया जाएगा। यह जानकारी सीएमओ कार्यालय सभागार में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता द्वारा दी गई।
उन्होंने बताया कि पूरे देश में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ राजस्थान के अजमेर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ से उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने वर्चुअल माध्यम से अभियान की शुरुआत की। इस अवसर का सजीव प्रसारण सीएमओ कार्यालय सभागार के साथ-साथ जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्रधानमंत्री जन आरोग्य मंदिरों पर किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को एचपीवी वैक्सीन के लाभ, उपयोगिता और महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि यह संदेश भविष्य में आम जनमानस तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके और किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।
*महिलाओं में दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है सर्वाइकल कैंसर*
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। प्रारंभिक लक्षण न दिखने अथवा समय पर जांच न होने के कारण यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है, जिससे मृत्यु दर बढ़ जाती है। ऐसे में टीकाकरण इसकी रोकथाम का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। एचपीवी वैक्सीन लगभग 90 से 95 प्रतिशत तक कारगर सिद्ध हुई है।
*सर्वाइकल कैंसर होने के प्रमुख कारण*
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ रवि सिंह ने बताया कि चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) का संक्रमण है। इसके अलावा कम उम्र में विवाह, असुरक्षित यौन संबंध, व्यक्तिगत स्वच्छता की कमी, बार-बार प्रसव, धूम्रपान तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना भी इसके जोखिम को बढ़ाता है।
*बचाव के उपाय*
सीएमओ ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है। इसके साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच, जागरूकता, स्वच्छता, सुरक्षित जीवनशैली और समय-समय पर चिकित्सकीय परामर्श भी अत्यंत आवश्यक है।
निशुल्क उपलब्ध होगी वैक्सीन
सीएमओ ने बताया कि यह वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ पुणे द्वारा स्वदेश में निर्मित की गई है, जिसकी बाजार कीमत 2000 रुपये से अधिक है, लेकिन सरकार द्वारा यह वैक्सीन जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला महिला अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
*कोल्ड चेन प्रबंधन पर रहेगा विशेष ध्यान*
डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखना आवश्यक है। इसके लिए कोल्ड चेन प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार कोल्ड चेन की सतत निगरानी की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रवि सिंह को सौंपी गई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा दिए गए संदेश को दोहराते हुए कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के साथ अब “बेटी को सर्वाइकल कैंसर से बचाओ” का संकल्प भी जुड़ गया है। कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. एसपी मिश्रा, एसीएमओ डॉ. आरएम गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. धनीराम भार्गव, जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर, एपिडेमियोलॉजिस्ट एनसीडी डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. पूनम सिंह, डीपीएम अनिल यादव, डैम सतपाल सिंह, स्टेनो कार्तिकेय मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
0 Comments