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पाकिस्तान में बातचीत पार्ट-2 की चर्चा, इधर ईरान ने तीन बड़े तेल ठिकानों पर मिसाइलों का मुंह मोड़ा!


_पाकिस्तान में दूसरे राउंड की बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस अभी रवाना नहीं हुए हैं. इससे पहले, ट्रंप ने यह कहकर दुनिया में भ्रम पैदा कर दिया था कि डेलिगेशन रास्ते में है. ईरान ने अभी यह साफ नहीं किया है कि वह बातचीत में कैसे शामिल होगा, होगा भी या नहीं? पाकिस्तान जरूर उतावला है. यह बातचीत ऐसे समय में होने वाली है, जब होर्मुज के इलाके में अमेरिका ने नाकेबंदी कर रखी है. ईरान अलग धमकी दे रहा है. अब ईरान की अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी के हवाले से खबर आई है कि ईरान तीन प्रमुख तेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को उड़ाने के बारे में सोच रहा है._

_जी हां, कई ग्लोबल एक्सपर्ट ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ईरान कथित तौर पर प्रमुख तेल इंफ्रास्ट्रक्चर सऊदी अरब में यानबू, UAE में फुजैराह और बाब अल-मंदेब पर एकसाथ हमला करने के बारे में सोच रहा है. अगर ऐसा हुआ तो संभावित रूप से 32% तक वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है. असल में, ईरान अब आगे की तैयारी में जुटा है कि अगर बातचीत फेल होती है या होर्मुज में थोड़ा भी तनाव बढ़ता है, तो उसका अगला कदम क्या होगा?_

 *ईरानी मिसाइलें लॉक?* 

_हां, ईरान ने ऐसा किया, तो ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा संकट पैदा हो सकता है. तसनीम न्यूज एजेंसी की मानें, तो ईरान ने टारगेट लॉक कर दिया है. ये टारगेट हैं-_
_- सऊदी अरब में यानबू पाइपलाइन_
- _UAE में फुजैराह ऑयल फैसिलिटी_
 _. हूती विद्रोहियों की ओर से बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करना_

_अगर होर्मुज की नाकेबंदी के साथ-साथ इनमें से आधी घटनाएं भी असल में होती हैं, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच जाएगा. अब इसका महत्व समझ लीजिए._ 
- अकेले बाब अल-मंदेब के रास्ते से रोज 5-6 मिलियन बैरल तेल का आवागमन होता है. (इसकी लोकेशन मैप में देखिए) 
- फुजैराह (यूएई) दुनिया के सबसे बड़े बंकरिंग केंद्रों में से एक है. बंकरिंग का मतलब जहाज के ईंधन टैंक में ईंधन की आपूर्ति करना. फुजैराह, दुनिया के ऐसे चार प्रमुख बंदरगाहों में से एक है. 
- यानबू को ऐसी मुख्य धमनी या नली समझिए, जो सऊदी अरब के तेल क्षेत्रों को लाल सागर से जोड़ती है. 

_अगर इन तीनों लक्ष्यों पर एक साथ हमला किया जाता है, तो ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐसा ढांचागत संकट पैदा हो जाएगा, जिसे स्थिर होने में महीनों लग जाएंगे._


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