पाकिस्तान ने ईरान जाने वाले सामान के लिए एक ऐसा कानूनी रास्ता तैयार किया है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को आसानी से दरकिनार किया जा सकेगा। ईरान के लिए पाकिस्तान के बनाए इस नए ढांचे के तहत ‘ट्रांजिट ऑफ गुड्स थ्रू टेरिटरी ऑफ पाकिस्तान ऑर्डर 2026’ के जरिए व्यापारिक कॉरिडोर खोल दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ के तहत 14 नए लोगों और संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिसका मकसद ईरान को वैश्विक वित्तीय नेटवर्क से काटना है। लेकिन पाकिस्तान के इस कदम से सामान जमीनी रास्ते से ईरान पहुंच सकेगा, जिससे ईरान को अलग-थलग करने की अमेरिकी कोशिशों को करारा झटका लगा है।*
*ट्रंप ने रद्द किया दौरा, इस्लामाबाद ने खेला अपना दांव*
*इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान नेतृत्व में ‘भारी अंदरूनी कलह और भ्रम’ का हवाला देते हुए अमेरिका-ईरान युद्धविराम वार्ता के दूसरे दौर के लिए विटकॉफ-कुशनर प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी। हैरानी की बात यह है कि ठीक उसी दिन इस्लामाबाद में पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने गुपचुप तरीके से SRO 691(I)/2026 नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इस नोटिफिकेशन के जरिए एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार किया गया है जिसके तहत अन्य देशों का सामान पहले पाकिस्तान आएगा और फिर उसे तत्काल प्रभाव से सड़क के रास्ते छह तय मार्गों से ईरान भेजा जाएगा।*
*ईरान को मिली संजीवनी और मुनीर का ‘डबल गेम’*
*पाकिस्तान सरकार के इस नए आदेश से ईरान को एक बहुत बड़ी लाइफलाइन मिल गई है। कराची बंदरगाह पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के कारण ईरान जाने वाले करीब 3,000 कंटेनर बुरी तरह फंसे हुए थे, लेकिन अब इनके ईरान जाने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान एक ही समय में युद्धविराम में मध्यस्थता कर रहा है और उसी हफ्ते अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच नाकेबंदी में कानूनी रास्ता भी खोल रहा है। अमेरिकी सेना के रिटायर्ड कर्नल लॉरेंस सेलिन ने भी माना है कि पाकिस्तान ईरान को अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने में मदद कर रहा है। यह सब आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की देखरेख में हो रहा है, जो एक तरफ बैक-चैनल कूटनीति संभाल रहे हैं और दूसरी तरफ ईरान के लिए रास्ते भी खोल रहे हैं।*
*ईरान के लिए क्या है पाकिस्तान का मास्टरप्लान ?*
*पाकिस्तानी अखबार ‘द न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्य मंत्रालय के इस नए फ्रेमवर्क का मुख्य मकसद क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देना है। इस पूरी व्यवस्था के तहत सामान की निर्बाध आवाजाही के लिए छह तय ट्रांजिट मार्गों को मंजूरी देकर ईरान के साथ नए व्यापारिक रास्ते खोले गए हैं। इन मार्गों में ग्वादर से गब्द बॉर्डर तक का रास्ता और कराची या पोर्ट कासिम से लियारी, ओरमारा और पसनी होते हुए गब्द तक का मार्ग शामिल है। इसके साथ ही कराची से खुजदार और दलबंदीन होते हुए ताफ्तान बॉर्डर, ग्वादर से तुर्बत, होशाब, पंजगुर और क्वेटा होते हुए ताफ्तान तक का लंबा रास्ता, ग्वादर से लियारी और खुजदार होते हुए ताफ्तान का मार्ग, और कराची से सीधे ग्वादर होते हुए गब्द तक के रास्तों को आधिकारिक तौर पर ट्रांजिट कॉरिडोर घोषित कर दिया गया है।
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