कुल्लू: ईरान में अमेरिका और इजराइल के विवाद के बीच कई मर्चेंट शिप, ऑयल टैंकर खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं. अधिकतर जहाज फारस और ओमान की खाड़ी के बीच फंसे हुए हैं. इसमें कई भारतीय जहाज और नाविक भी शामिल हैं. इनमें से कुछ जहाज कार्गो लोड होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कई जहाज पहले से ही सामान से लदे हुए हैं.
हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही कई गुणा गिर गई है. वहीं, खाड़ी देशों में कई ऑयल टैंकर भी फंसे हुए हैं. खाड़ी देशों में ईरान के हमले लगातार जारी है. युद्ध जैसे हालात के बीच इराक के अशांत समुद्री क्षेत्र (फारस की खाड़ी) में एक भारतीय क्रू शिप में फंसा हुआ है. शिप की कमान हिमाचल के कुल्लू जिला में स्थित जल्लुग्रां के रहने वाले कैप्टन रमन कपूर संभाले हुए हैं. शिप पर भारत के 23 नाविकों का दल सवार है. युद्ध के कारण चारों ओर अनिश्चितता का माहौल है. हवाई और समुद्री मार्ग प्रभावित हो रहे हैं. फारस की खाड़ी में बिगड़ते हालात के बीच कैप्टन रमन कपूर का संयम, साहस और नेतृत्व 23 जिंदगियों की ढाल बना है.
कैप्टन रमन कूपर ने बताया कि, "26 फरवरी को हमारा शिप इराक से तेल भरवाकर भारत वापस लौट रहा था, लेकिन युद्ध के हालातों के बीच हमारा शिप फारस की खाड़ी में फंसा हुआ है. हमें शिप के साथ एक जगह पर रुकने को कहा गया है और किसी भी दिशा में मूव करने की मनाही की गई है. शिप का क्रू बिल्कुल सुरक्षित है, लेकिन अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. युद्ध जैसे हालातों के कारण समुद्री ट्रैफिक चोक हो गया है. कई मिसाइलें शिप के ऊपर से गुजर हैं. जहाज से कुछ दूरी पर अटैक हुए हैं. एक शिप मिसाइल हिट होने से हमारे सामने ही तबाह हुआ है. ऐसे में खतरा बना हुआ है."
कंपनी का मिल रहा सहयोग
कैप्टन रमन ने एक फोटो भी शेयर किया जिसमें उनके सामने एक मिसाइल गिरने के बाद धुएं का गुब्बार उठ रहा है. कैप्टन रमन ने कहा कि 'हॉर्मुज स्टेट को भी चोक कर दिया है. इसके कारण जहाजों की आवाजाही बंद हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय ने हमें यहीं पर रुकने की सलाह दी गई है. अभी हम सुरक्षित हैं. खतरे से बाहर हैं, लेकिन अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. कंपनी की ओर से भी पूरा सहयोग मिल रहा है.'
मौजूदा हालात के कारण पोर्ट पर फंसे हैं कई जहाज
कैप्टन रमन कूपर ने बताया कि, "हमारा शिप अभी इराक के उम्म कसर पोर्ट पर है. शिप के मालिक UAE के हैं, जिसे फ्लीट मैनेजमेंट लिमिटेड कंपनी (इंडियन), मार्शल आइलैंड फ्लैग द्वारा मैनेज किया जा रहा है. अभी, फारस की खाड़ी में लगभग 37 भारतीय झंडे वाले जहाज फंसे हुए हैं, जिससे US, इज़राइल और ईरान की मिलिट्री कार्रवाइयों के कारण सैकड़ों नाविक प्रभावित हुए हैं. मौजूदा हालात के कारण इस क्षेत्र में शिपिंग ऑपरेशन में काफी रुकावटें आई हैं."
कैप्टन रमन कपूर ने कहा कि, उन्हें 28 वर्ष समुद्री जहाज पर काम करने का अनुभव है. 90 से अधिक देशों का भ्रमण कर चुके हैं. ऐसे में कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता ही इस समय पूरे दल की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है. कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं, लेकिन डरने की जगह अपने मैन्युअल पर ध्यान देना चाहिए. वहीं, रमन कपूर के घर पर प्रार्थानाओं का दौर जारी है. रमन कपूर के पिता ने कहा कि हमें बेटे की चिंता हो रही है, लेकिन अभी सब ठीक है.बता दें कि, ईरान पर हवाई हमले के 7 दिन बाद तनाव जारी है. 28 फरवरी को शुरू हुए सैन्य अभियान के बाद से ईरान में कम से कम 1,230 लोग मारे गए हैं. वहीं, हॉर्मुज स्टेट को बंद कर दिया है. इस कारण मिडिल ईस्ट में कई ऑयल टैंकर और हजारों कंटेनर फंसे हुए हैं.
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